• कोई भी व्यक्ति/कर्मचारी/वेंडर/संविदाकार जिनका एमपीटी के साथ सम्व्यवहार है/था, वे एमपीटी पदाधिकारियों के विरुध्द ही पत्तन न्यास के सतर्कता कार्यालय में शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। इसमें शिकायतकर्ता का पूरा नाम व संपूर्ण डाक पता तथा संपर्क दूरभाष संख्‍या भी देनी होगी।
  • अनाम/छिद्रनाम से प्राप्त शिकायतों को सतर्कता कार्यालय में स्वीकार/दर्ज नहीं किया जाएगा।
  • शिकायतें संक्षिप्त तथा जांचयोग्य तथ्यों और तत्थ्यात्मक विवरण सहित होनी चाहिए। इसमें अस्पष्ट अथवा आधारहीन कथन/बेतुके आरोप शामिल न हों, ऐसा होने पर शिकायतें मात्र फाईल ही की जाएंगी।
  • शिकायतें मुख्‍य सर्तकता अधिकारी अथवा चाहें तो, अध्यक्ष एमपीटी को भेजी जा सकती हैं। यदि एमपीटी के किसी अन्य अधिकारी को सतर्कता संबधी शिकायतें प्राप्त होती हैं तो वे इसे चार पांच दिनों के भीतर मुख्य सतर्कता अधिकारी को अग्रेषित करेंगे।
  • सतर्कता शिकायतें जिसमें जालसाजी, भ्रष्टाचार,घूसखोरी, धोखेबाजी, जाली रिकार्ड, ज्ञात आय स्त्रोत के अनानुपात में परिसम्पत्तियों का अर्जन आदि सबंधी आरोप शामिल हैं और जहां जांच में प्राइवेट व्यक्तियों/बाहरी सरकारी पदाधिकारियों की जांच आवश्यक हैं, वो सतर्कता मेनुअल के अनुसार सक्षम एजेन्सियों को संदर्भित किया जाए।
  • चूंकी एमपीटी ने इंटिग्रिटी पेक्ट कार्यान्वित किया है अत: प्रारंभिक मूल्य (थ्रेशहोल्ड वेल्यू) (मौजूदा 1 करोड रुपए) पर या उससे ऊपर एमपीटी के साथ अपने सम्व्यवहार के संबंध में वेंडरों/ठेकेदारों से प्राप्त शिकायतों को इंटिग्रिटी पेक्ट की प्रचालन पध्दति के अनुसार संबधित स्वतंत्र बाहरी मानिटर को संदर्भित किया जाए।

सतर्कता शिकायतों को ऑनलाईन दर्ज करना

ईमेल व्दारा प्राप्त शिकायतों को डाऊनलोड कर उसका प्रिंट लिया जाता हैं और ऊपर बताए अनुसार अगली कार्रवाई की जाती है। ईमेल व्दारा प्राप्त शिकायतें जिनका कोई नाम अथवा पूरा डाक पता न हो, छिद्रनामी माना जाता है और शिकायत निवारण प्रक्रिया के मार्गनिर्देशानुसार उनका निपटान किया जाता है।

नाम (जिसके खिलाफ शिकायत करनी हो)(*)

पदनाम / पद(*)

विभाग(*)

आरोप / कदाचार / भ्रष्‍ट व्‍यवहार का विवरण(*)

शिकायतकर्ता का नाम (*)

शिकायतकर्ता का डाक पता(*)

शिकायतकर्ता का दूरभाष विवरण(*)

ईमेल (*)


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